बिजली बोर्ड में केवल सीएम की अनुमति से ही होगी प्रमोशन , नियुक्तियां, स्थांतरण, आदेश जारी

बिजली बोर्ड में केवल सीएम की अनुमति से ही होगी प्रमोशन , नियुक्तियां, स्थांतरण, आदेश जारी

राज्य बिजली बोर्ड में पदोन्नतियों पर नियुक्ति और स्थानांतरण अब मुख्यमंत्री की मंजूरी से ही होंगे। बोर्ड प्रबंधन ने सभी फील्ड अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं और निर्देशों का पालन न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। पदोन्नति के बाद स्थानांतरण और नियुक्ति के लिए निर्धारित सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की बात की गई है।

प्रबंधन ने 26 दिसंबर 2023 के एक पत्र का हवाला दिया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि इन आदेशों के लिए मुख्यमंत्री से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके बावजूद कुछ विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) के निर्णयों के बाद बिना अनुमोदन के स्थानांतरण और नियुक्ति आदेश जारी हो रहे थे। अब बोर्ड ने निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए एक नया पत्र जारी किया है, जिसमें किसी भी प्रकार के विचलन को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी गई है।

कर्मचारी यूनियन ने किया विरोध, 15 को बुलाई बैठक
कर्मचारी यूनियन ने इसे सेवा नियमों के खिलाफ बताते हुए विरोध किया है। यूनियन ने 15 सितंबर को बैठक बुलाकर आगामी रणनीति पर चर्चा करने का निर्णय लिया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा का कहना है कि बोर्ड में टीमेट से सहायक लाइनमैन की पदोन्नति के लिए मंडल और सहायक लाइनमैन से लाइनमैन की पदोन्नति वृत स्तर पर होती रही है। प्रदेश में 100 से अधिक कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी हैं, जो अपने स्तर पर पदोन्नति और पोस्टिंग करते आए हैं। उनका कहना है कि बोर्ड के नए निर्देश सेवा नियमों के विपरीत हैं और इससे पदोन्नतियों में अनावश्यक देरी होगी और साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय में गैर-जरूरी कार्य भी बढ़ेगा।

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